नीट छात्रा की मौत का बिहार का चर्चित केस अब सीबीआई के हाथों में है। एजेंसी ने अपनी एफआईआर दर्ज कर एसआईटी से सभी फाइलें लेने का ऐलान किया है। पटना के चित्रगुप्त नगर थाने से शुरू यह जांच राजनीतिक घमासान का केंद्र बनी हुई है।
जहानाबाद से आई यह होनहार छात्रा जनवरी में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में संदेहास्पद ढंग से मृत पाई गई। नीट क्रैक करने का सपना देख रही थी वह। मौत के बाद परिवार ने प्रशासन पर हत्या का दोषारोपण किया, जिसने राज्यव्यापी विवाद खड़ा कर दिया।
एसआईटी बनाई गई, लेकिन ऑटोप्सी ने यौन हमले का संकेत दिया। अंडरवियर पर वीर्य के अवशेष मिले तो डीएनए टेस्ट हुए—परिजनों से लेकर अन्य तक, किंतु कोई मेल नहीं।
हॉस्टल, अस्पताल सबकी बैंड बज गई। सड़कें आंदोलनों से गूंजीं। डीजीपी से बातचीत के महज एक दिन बाद डिप्टी सीएम चौधरी ने सीबीआई को केस सौंपने की बात कही।
बजट सत्र में राबड़ी देवी ने विधान परिषद में बम फोड़ा—मंत्री पुत्र की संलिप्तता का दावा। चौधरी ने जवाब दिया, सूचना दो तो तुरंत एक्शन। सीबीआई अब सच्चाई उजागर कर सकती है।