गोवर्धन के एक गांव में दो सगी बहनों की शादी दो सगे भाइयों से तय हुई थी। राजस्थान से बारात आई, स्वागत-सत्कार हुआ, जयमाला के बाद सब तैयार था। लेकिन जब अग्नि के चक्कर शुरू होने वाले थे, बड़ा दूल्हा बहाने बनाकर भीड़ में खो गया। पेशाब जाने की बात कहकर वह अंधेरे में फुर्र हो गया, बारात सहित सब स्तब्ध रह गए।
दुल्हन पक्ष में कोहराम मच गया। पिता ने खर्चा किया था लाखों का, अब धोखे का शिकार हो गए। उन्होंने तुरंत गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दूल्हे की लोकेशन ट्रैक करने का प्रयास हो रहा है।
यह मामला सोची-समझी ठगी का लगता है या दूल्हे को अंतिम समय में डर लग गया? स्थानीय लोग चर्चा कर रहे हैं कि शादी के नाम पर लूटपाट की साजिश थी। वधू परिवार की इज्जत का सवाल है, पुलिस को जल्दी कार्रवाई करनी होगी। ऐसी घटनाएं भविष्य में विवाह प्रस्तावों पर भरोसे को कमजोर करती हैं। न्याय मिलना चाहिए ताकि दोषी सजा पाए।