विधान परिषद की बैठक में आरजेडी ने बिहार सरकार को अपराध वृद्धि, अपहरण, पुराने बराजों, बस अड्डों पर कब्जे व यूनिवर्सिटी देरी पर कसा शिकंजा। अब्दुल बारी सिद्दीकी ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा कि अपराध 1.52 लाख से 3.52 लाख तक पहुंचा।
‘महिलाओं पर अत्याचार चरम पर, अपराधी खुले घूम रहे, पुलिस नाकाम। मंगलराज से जंगलराज श्रेयस्कर था,’ सिद्दीकी ने व्यंग्य किया। राबड़ी देवी का प्रदर्शन आरोपों को बल दिया। चौधरी ने स्पष्ट किया कि अपहरण के अधिकांश केस भागने-शादी के हैं, मात्र 158 गंभीर।
ऑनलाइन एफआईआर पर सुनील सिंह को चौधरी ने आंकड़े व जागृति कार्यक्रम बताए। महेश्वर सिंह के बराज सवाल पर विजय चौधरी ने पुणे जांच से सुरक्षा मान्यता दी। बिहार का यह विवाद राजनीतिक ध्रुवीकरण को उजागर करता है। विपक्ष आंकड़ों से हमला कर रहा, सरकार जवाब दे रही। लेकिन असल चुनौती सुशासन स्थापित करना है।