राज्य में डिजिटल शासन को वैश्विक मान्यता मिली। बिहार ई-गवर्नेंस और बिपार्ड को 21 जनवरी 2026 को ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र मिला, जो तीन साल वैलिड रहेगा। यह विभागीय दक्षता और पारदर्शिता का प्रमाण है, बताया अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने पटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में।
लोक सेवा अधिनियम 2011 से 14 विभाग 153 सेवाएं दे रहे—प्रमाण पत्र, राशन, दुर्घटना अनुदान, लाइसेंस, योजनाएं, पेंशन। 51 करोड़ से अधिक आवेदन पूरे।
पंचायत स्तर पर 64+ सेवाएं जुलाई 2025 से, यात्रा की मुश्किल खत्म।
शिकायत प्रणाली सशक्त: 2015 कानून से 514 सेवाओं पर 45 विभागों में 18.57 लाख निस्तारण 2016 से।
कर्मचारी शिकायतों का ऑनलाइन समाधान 2019 से: 14,569 हल।
सीएम फेलोशिप को 15-9-2025 अधिसूचना, 121 फेलो चयन, बोधगया आईआईएम के सहयोग से।
नियुक्तियां: अप्रैल 2020-फरवरी 2026 तक 9.84 लाख। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख पद।
एचआर डिजिटल: 2.72 लाख अभिलेख, 1.23 करोड़ स्कैन, 8 लाख कर्मियों का प्रबंधन। बिहार अब सेवा वितरण में अग्रणी बन गया है।