सोमवार को बिहार विधान परिषद का सत्र विपक्ष के हंगामे से शुरू हुआ और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीखे तंज से चरम पर पहुंच गया। राबड़ी देवी को ‘ई जो लड़की है’ संबोधित करते हुए नीतीश ने विपक्ष को कटघरे में खड़ा कर दिया। कानून व्यवस्था पर चीख-चीखकर विरोध करने वाले आरजेडी सदस्यों को उन्होंने ललकारा।
कार्यवाही शुरू होते ही राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी की। नीतीश कुमार गुस्से से खड़े हुए और बोले, ‘तुम लोगों ने कुछ किया है? केवल हल्ला मचाते हो। ये तीन महिलाएं जो शोर मचा रही हैं, उन्हें क्या आता है?’ राबड़ी की ओर इशारा कर उन्होंने फिर कहा, ‘ई लड़की को क्या पता। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।’
नीतीश ने अपनी सरकार के कार्यों का बखान किया। उन्होंने बताया कि केंद्र के सहयोग से बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है। विपक्ष के शासनकाल को उन्होंने नाकामयाब ठहराया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सभापति ने विपक्ष से अपील की कि मुख्यमंत्री बोल रहे हैं, शांति रखें। लेकिन नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच सभापति ने सदन को ढाई बजे तक के लिए स्थगित घोषित किया। बावजूद इसके, दो महत्वपूर्ण नगर पालिका नियमावलियां सदन में रखी गईं।
कुछ दिन पहले विधानसभा में तेजस्वी यादव पर नीतीश का गुस्सा फूटा था। ऐसे हमलों से साफ है कि बिहार की सियासत में जदयू और आरजेडी के बीच जंग तेज हो रही है। कानून-व्यवस्था का सवाल आगामी चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।