बिहार की राजधानी पटना में ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ साहित्य महोत्सव 2026 ने रविवार को साहित्य प्रेमियों को बांध लिया। प्रमुख लेखक, कवि, विचारक और नौजवानों की मौजूदगी में कार्यक्रम ने सांस्कृतिक पुनरुत्थान और आर्थिक प्रगति का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि अरुण शंकर प्रसाद ने उद्घाटन करते हुए साहित्य को समाज का आत्मा कहा। युवाओं को जड़ों से जोड़ने वाले इन आयोजनों की अहमियत बताई।
आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने विकास का रोडमैप रखा। 13.09 प्रतिशत की पुरानी दर से प्रेरित होकर 15 प्रतिशत लक्ष्य रखा। 9 करोड़ युवाओं वाली 14 करोड़ जनसंख्या को ताकत बताते हुए स्टार्टअप संस्कृति बढ़ाने पर बल दिया। उनके प्रयास से 30 स्टार्टअप्स ने 100 नौकरियां पैदा कीं।
सांस्कृतिक चर्चाओं में गुरु-शिष्य योजना की सराहना हुई। बुद्ध, नालंदा, दिनकर जैसे प्रतीकों से प्रेरणा लेते हुए एकजुटता का संदेश दिया।
अमित लोढ़ा के सत्र ने सबको मंत्रमुग्ध किया, जहां प्रशासन और साहित्य का मेल हुआ। मृत्युंजय शर्मा ने संतुलन पर बात की। पुस्तक लॉन्च में ज्योति झा की किताब चर्चा में रही।
प्रो. वाजपेयी, रचना यादव, समीर परिमल, प्रियंका झा, पल्लवी रानी, राधा शैलेंद्र, आशीष आदर्श समेत नामी लोग आए। महोत्सव ने बिहार को नई दिशा दी।