शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद बिहार सरकार ने सभी लड़कियों के हॉस्टलों पर नजरें तरेर ली हैं। हाईकोर्ट याचिका पर एडवोकेट जनरल के पत्र से सिलसिला शुरू हुआ, जो मुख्य सचिव से लेकर जिलास्तर तक पहुंच गया। प्रमंडलीय आयुक्तों ने डीएम-एसपी को सख्ती बरतने को कहा।
पूर्णिया प्रमंडल में आयुक्त राजेश कुमार ने चार जिलों के अधिकारियों को 15 दिनों की मोहलत दी। महिला मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीमें हॉस्टलों का जायजा लेंगी, जिसमें सुरक्षा, रहवासियों की लिस्ट, संचालकों का चरित्र प्रमाण-पत्र व वैधता जांच शामिल। गड़बड़ी पर कानूनी कार्रवाई तय।
पहले पूर्णिया के अवैध हॉस्टलों से लड़कियों के शव बरामद हो चुके, पर लीपापोती हुई। अब कुकुरमुत्ते जैसे फैलते इन ठिकानों पर ब्रेक लगेगा। शिक्षा केंद्रों में उमड़ते छात्रों के लिए यह सुरक्षा कवच बनेगा।
राज्यव्यापी इस मुहिम से हॉस्टल संचालन के मानक ऊंचे होंगे, अपराध के साये से मुक्ति मिलेगी। बिहार की बेटियों का भविष्य सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।