बिहार के आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 से साफ हो गया कि पटना राज्य का आर्थिक राजा है, तो शिवहर सबसे गरीब जिला। सोमवार को विधानसभा में पेश रिपोर्ट में प्रति व्यक्ति आय औसतन 76,490 रुपये हो चुकी है।
पटना में प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये पहुंची, जबकि शिवहर महज 18,980 रुपये पर सिमट गया – यानी छह गुना का फासला। पेट्रोलियम उत्पादों की खपत और छोटी बचत पर आधारित इस सर्वे ने जिलों की असली तस्वीर दिखाई।
पेट्रोल बिक्री में पटना अव्वल, उसके बाद मुजफ्फरपुर व पूर्णिया। डीजल में पटना-सेखपुरा-औरंगाबाद टॉप थ्री। एलपीजी के मोर्चे पर पटना, बेगूसराय व गोपालगंज लीडर। कम खपत वाले जिलों में पेट्रोल के लिए लखीसराय-बांका-शिवहर, डीजल हेतु शिवहर-सीवान-कैमूर।
एलपीजी न्यूनतम अररिया-बांका-मधेपुरा में। बेगूसराय की 61,566 व मुंगेर की 54,469 रुपये आय अमीरी दिखाती है, वहीं अररिया (19,795) व सीतामढ़ी (21,448) गरीबी के प्रतीक।
सभी 38 जिलों की रैंकिंग से पता चलता है कि बिहार को संतुलित विकास की जरूरत है। सरकार को अब कदम उठाने होंगे ताकि हर जिला पटना जैसी प्रगति कर सके।