बिहार की राजधानी पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब पोक्सो एक्ट जोड़ दिया गया है। एसआईटी ने अदालत से अनुमति लेकर इस कानून को ताकत दी, क्योंकि पीड़िता नाबालिग थी और जांच में गंभीर तथ्य सामने आए।
चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक हॉस्टल में रहने वाली यह छात्रा जहानाबाद की थी। अचानक उसके बेहोश होने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट में उसके कपड़ों पर मिले स्पर्म के अवशेष 18-21 वर्षीय युवक से संबंधित बताए जा रहे हैं।
घटना के चक्रव्यूह में फंसने वालों की सूची लंबी हो गई। एसआईटी ने 15 संदिग्धों के डीएनए सैंपल एकत्र कर लैब भेजे हैं। संपर्क में आए हर व्यक्ति की पड़ताल तेज है, ताकि अपराधी का चेहरा बेनकाब हो सके।
राजनीति भी गरमाई हुई है। पप्पू यादव ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में बड़े अपराधियों को छिपाया जा रहा है। विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच बहस छिड़ गई है।
पोक्सो लागू होने से जांच की दिशा बदल गई है। बिहार सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। फॉरेंसिक नतीजों का इंतजार सबको है, जो इस सनसनीखेज केस को नई करवट दे सकते हैं। युवा छात्राओं की सुरक्षा अब सवालों के घेरे में है।