बिहार के भोजपुर जिले में शोक का माहौल है। नथमलपुर गांव के हरे राम कुंवर डोडा में ड्यूटी पर थे, जहां बुलेटप्रूफ वाहन के खाई में गिरने से 10 जवान शहीद हो गए। सुबह मां से फोन पर बात की, ठंड से बचने की हिदायत दी। भाई जयप्रकाश ने वीरता की कहानी सुनाते हुए रो पड़े। परिवार टूट चुका है, पिता इंद्रजीत कुंवर बदहवास, पत्नी खुशबू और मां बेसुध।
हरे राम का सफर प्रेरणादायक था। मैट्रिक-इंटर के बाद सेना में रुके। विवाह के बाद दो होनहार बेटों के पिता बने। सपना था रिटायरमेंट के बाद बनारस में पढ़ाई करवाना। साले अभिषेक ने कहा, बच्चे मेडल जीतते हैं, पिता की तरह अनुशासित। भाई की शादी में ठुमके लगाए थे नवंबर में।
गांववासी श्रद्धांजलि दे रहे, प्रशासन सहायता का आश्वासन। यह शहादत मातृभूमि भक्ति का प्रतीक बनी। पार्थिव शरीर आने का इंतजार, हर कोई सम्मान में खड़ा।