गौरीचक का चंदासी गांव जल्द ही एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला है। यहाँ बन रहे विशाल मंदिर परिसर में 108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिमा शिल्प कला और इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रतिमा के निर्माण में लगे कारीगर दिन-रात मेहनत कर इसे अंतिम रूप दे रहे हैं। इस पूरे परिसर को इतना भव्य बनाया गया है कि यहाँ पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर कई प्रमुख देवी-देवताओं के दर्शन हो सकेंगे। मुख्य प्रतिमा के अलावा, यहाँ 41 फीट ऊंचे गणेश, कार्तिकेय और नंदी की मूर्तियां भी श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी।
यह मंदिर परिसर पटना के जीरो माइल से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहाँ पहुँचने में भक्तों को कोई कठिनाई नहीं होगी। मंदिर की संरचना को भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीकी का उपयोग किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इस भव्य मंदिर के उद्घाटन के बाद चंदासी और आसपास के क्षेत्रों का आर्थिक विकास भी तेजी से होगा। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि बिहार की कला और संस्कृति के एक नए प्रतीक के रूप में भी जाना जाएगा।