नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की पृष्ठभूमि का विश्लेषण करने पर कई तथ्य सामने आए हैं। ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट के 46 प्रतिशत मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 38 प्रतिशत पर गंभीर आरोप हैं। शिक्षा के लिहाज से 63 प्रतिशत मंत्री स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। उम्र के मामले में, लगभग 80 प्रतिशत मंत्रियों की आयु 51 से 80 वर्ष के बीच है। हालांकि, महिला प्रतिनिधित्व के मामले में स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, क्योंकि कैबिनेट में केवल 3 महिलाओं को जगह मिल पाई है। यह डेटा राज्य की नई सरकार की संरचना और उसके नेतृत्व की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने में मदद करता है।
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