बिहार में भागलपुर में दो पाकिस्तानी महिलाओं के मतदाता सूची में शामिल होने से हड़कंप मच गया है। इन महिलाओं के 70 साल पहले भारत आने की बात कही जा रही है। गृह मंत्रालय द्वारा भारत में वीजा की वैधता से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान इसका खुलासा हुआ। गृह मंत्रालय की जांच के अनुसार, टैंक लेन में इमतुल हसन की पत्नी इमरना खानम उर्फ इमरना खातून और मो. तफजील अहमद की पत्नी फिरदौसी खानम के नाम से मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। इन वृद्ध महिलाओं का नाम 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान भी सत्यापित किया गया था और उन्हें वोटर आईडी कार्ड भी जारी किए गए थे।
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