Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    नेपाल कप्तान रोहित पौडेल: स्कॉटलैंड पर ऐतिहासिक जीत ने तोड़ा 10 साल का सूखा

    February 18, 2026

    बीजेपी का डीएमके बजट पर हमला: तमिलनाडु को कर्ज के दलदल में धकेल रहा है अंतरिम बजट

    February 18, 2026

    आरजेडी नेता पुत्र ने मुजफ्फरपुर में पुलिसकर्मी को मारी गोली, एनकाउंटर में अरेस्ट

    February 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»Auto»ई20 पेट्रोल नीति: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई
    Auto

    ई20 पेट्रोल नीति: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई

    Indian SamacharBy Indian SamacharAugust 29, 20252 Mins Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    भारत में ई20 पेट्रोल नीति पर चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। सर्वोच्च न्यायालय 1 सितंबर 2025 को एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करेगा, जिसमें सरकार के इथेनॉल मिश्रण के अनिवार्य नियम को चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई, जस्टिस के विनोद और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच करेगी।

    याचिकाकर्ता, अधिवक्ता अक्षय मल्होत्रा, ने मांग की है कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को बाजार में इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल (E0) उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जाए। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि ईंधन पंपों पर इथेनॉल की मात्रा को स्पष्ट रूप से लेबल किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को पता चल सके कि वे अपने वाहनों में क्या भर रहे हैं।

    जनहित याचिका का कारण:

    सरकार ने पहले कच्चे तेल के आयात को कम करने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने (E20) का नियम लागू किया था। हालांकि, कई वाहन मालिकों और निर्माताओं ने पुरानी गाड़ियों की E20 के साथ अनुकूलता पर चिंता जताई है। ऐसे ईंधन से जंग लगने, ईंधन दक्षता घटने और रखरखाव की लागत बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।

    यदि सुप्रीम कोर्ट याचिका को स्वीकार करता है, तो ईंधन स्टेशनों को E0 पेट्रोल (इथेनॉल-मुक्त) और E20 पेट्रोल दोनों को स्टॉक करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी गाड़ी की अनुकूलता के आधार पर चुनाव करने का विकल्प मिलेगा। वर्तमान में, स्पष्ट लेबलिंग की कमी के कारण, मोटर चालक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि वे अपनी गाड़ियों में क्या भर रहे हैं।

    1 सितंबर को होने वाली सुनवाई भारत की हरित ईंधन महत्वाकांक्षाओं को उपभोक्ता सुरक्षा और वाहन सुरक्षा के साथ संतुलित करने में एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करेगी।

    Consumer Protection E20 Petrol Environmental Concerns Ethanol Blending Fuel Policy Green Fuel Oil Marketing Companies PIL Supreme Court Vehicle Compatibility
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    Business

    52 करोड़ रिफंड की जीत: एनसीएच ने साधी उपभोक्ताओं की फरियाद

    February 17, 2026
    India

    अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से रिहाई में बड़ा झटका

    February 16, 2026
    Tech

    खराब खिलौनों की बिक्री पर स्नैपडील को सीसीपीए की 5 लाख की सजा

    February 16, 2026
    India

    ‘घूसखोर पंडत’ पर जबलपुर अदालत में केस, सुप्रीम कोर्ट के बाद नया झटका

    February 14, 2026
    Entertainment

    सुप्रीम कोर्ट में एआर रहमान-डागर विवाद: अगले शुक्रवार होगी अगली सुनवाई

    February 13, 2026
    Entertainment

    ‘घूसखोर पंडत’ पर सुप्रीम कोर्ट का डंडा, कहा- स्वतंत्रता का मतलब समुदाय को नीचा दिखाना नहीं

    February 12, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.