महिंद्रा, जो भारत की प्रमुख एसयूवी निर्माता कंपनी है, अब दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। कंपनी ने 15 अगस्त को एक नया कॉन्सेप्ट वाहन पेश किया था, जिससे दुनिया आश्चर्यचकित रह गई। महिंद्रा नए प्लेटफॉर्म पर एसयूवी बनाने की तैयारी कर रही है, लेकिन उसे एक नए विनिर्माण संयंत्र के लिए जगह की तलाश है। महिंद्रा घरेलू और विदेशी बाजारों में मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। महिंद्रा ने हाल ही में मल्टी-एनर्जी NU IQ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो एसयूवी की एक नई श्रृंखला का आधार बनेगा। इस प्लेटफॉर्म का पहला मॉडल 2027 में लॉन्च किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म को भारतीय और वैश्विक दोनों बाजारों के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये गाड़ियां महिंद्रा के पोर्टफोलियो में बिल्कुल नई एसयूवी होंगी। महिंद्रा ऑटो डिवीजन के सीईओ नलिनीकांत गोलागुंटा ने बताया कि कंपनी चाकन प्लांट में उत्पादन को 2.4 लाख यूनिट तक बढ़ाने की योजना बना रही है, लेकिन इसके लिए अधिक क्षमता की आवश्यकता होगी। कंपनी एक ऐसे स्थान की तलाश कर रही है जहां वह एक नया विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर सके। नए प्लांट की कमी पूरी होते ही नई गाड़ियां बाजार में आएंगी। कंपनी ने इगतपुरी में 350 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को एक इंट्रेस्ट लेटर सौंपा है, जहां महिंद्रा के कुछ प्लांट पहले से ही मौजूद हैं। महिंद्रा का लक्ष्य 2027 तक हर साल 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बनाना है। विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ महिंद्रा अपने सेवा नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। कंपनी शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही है। महिंद्रा हर साल 150-200 नए आउटलेट शुरू करना चाहती है। फिलहाल देशभर में इनकी संख्या करीब 1,100 है। गोलागुंटा ने कहा कि यदि आप सही तरह का सेवा नेटवर्क प्रदान कर सकते हैं, तो ग्राहक अनुभव बेहतर हो सकता है। भारतीय एसयूवी सेगमेंट में महिंद्रा की हिस्सेदारी 11% से बढ़कर 27% हो गई है। इस साल यह और भी बढ़ सकती है, क्योंकि कंपनी को फेस्टिव सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
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