फिनलैंड राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब रविवार को मुंबई से भारत लौटे, जहां राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने उनका भावभीनी विदाई दी। यह समारोह दोनों राष्ट्रों के गहरे बंधन को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इसे फायदेमंद दौरा बताया, जो डिजिटल व सस्टेनेबल साझेदारी का आधार बनेगा। स्टब ने यात्रा में भारत व ग्लोबल साउथ की वैश्विक व्यवस्था निर्माण में भूमिका रेखांकित की।
पीएम मोदी से मुलाकात में उन्नत तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अगली पीढ़ी के टेलीकॉम, एनालिटिक्स व क्वांटम पर सहमति हुई। अनुसंधान सहयोग व इनोवेशन को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
संयुक्त रिसर्च कॉल्स नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट शहर, हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी, ईवी व वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस करेंगे। भारत व फिनलैंड एजेंसियों का यह तालमेल उल्लेखनीय है।
रायसीना डायलॉग में स्टब ने कहा कि शक्ति संतुलन बदला है, भारत का 7% विकास पश्चिमी युग का अंत दर्शाता है। यूक्रेन, मिडिल ईस्ट व सूडान जैसे संघर्षों में हिंसा के दुरुपयोग पर चेतावनी दी।
जयशंकर के कथन से सहमत होकर स्टब ने जोर दिया कि विश्व की समस्याएं यूरोप की नहीं हैं। स्टब का दौरा दोनों देशों के बीच स्थायी साझेदारी का प्रतीक बन गया।