हिजबुल्लाह के साथ जारी संघर्ष के बीच इजरायल ने लेबनान में साहसिक कार्रवाई की। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर बताया कि शुक्रवार रात सैनिकों ने 1986 से लापता रॉन अराद की तलाश में विशेष अभियान चलाया।
‘हमारे शूरवीर योद्धाओं ने रात को लेबनान में मिशन शुरू किया। 40 साल पहले कैद हुए रॉन अराद को वापस लाने का प्रयास जारी है,’ नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा। उन्होंने लंबे संघर्ष की बात कही।
नबी चित के कब्रिस्तान में आईडीएफ ने खुदाई की। हालिया खुफिया सूत्रों और क्षेत्रीय निकासी पर आधारित यह ऑपरेशन रॉन अराद के अवशेष तलाशने को समर्पित था। अराद 1986 में एफ-4 विमान क्रैश के बाद गायब हो गए थे।
विमान हिट होने पर अराद ने पैराशूट से छलांग लगाई, लेकिन शिया मिलिशिया ने उन्हें पकड़ लिया। दशकों से खोज जारी रही।
सेना ने स्पष्ट किया कि कोई हताहत नहीं, कोई फायरिंग नहीं। ‘सभी सैनिकों को इजरायल लाने का संकल्प अटल है।’ ऑपरेशन सफल रहा या नहीं, यह बाद में पता चलेगा।
लेबनान पक्ष ने 16 शहीद और 35 जख्मी होने का दावा किया। यह घटना इजरायल की सेना की निष्ठा को रेखांकित करती है।