वडोदरा के होनहार किशोर जैनिल चापानेरिया ने डिफेंस टेक्नोलॉजी में नया कीर्तिमान गढ़ा है। फाइटर जेट के कॉकपिट कैनोपी के लिए इनर्शियल लॉकिंग सिस्टम विकसित कर उन्होंने भारत बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई। कम संसाधनों में यह सफलता वाकई काबिले-तारीफ है।
रनोली के ग्रामीण परिवेश से निकलकर कारेलीबाग में बसे जैनिल ने पिछले 15 सालों की 400 से अधिक दुर्घटनाओं पर शोध किया। इनमें कैनोपी के खुलने से पायलटों को भारी नुकसान हुआ।
तकनीक जड़त्व बल पर आधारित है, जो विमान के bấtस्थिर हालात में कैनोपी को तुरंत बंद कर देती है। अक्टूबर 2025 में पेटेंट आवेदन देकर दिसंबर तक मंजूरी पा ली।
समाज और शिक्षाविद् जैनिल की सराहना कर रहे हैं। डीआरडीओ से स्कॉलरशिप और वायुसेना में सेवा उनका लक्ष्य है। यह आविष्कार भारतीय वायुसेना की सुरक्षा को मजबूत कर सकता है, जो युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करता है। मेहनत से कोई सपना असंभव नहीं।