स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा दांव खेला है। शनिवार को 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,597 करोड़ रुपये) की सोशल टर्म लोन फैसिलिटी की शुरुआत की गई, जिसमें ग्रीनशू विकल्प भी है। यह वैश्विक ईएसजी फाइनेंसिंग में भारत के लिए मीलखुंज साबित होगी।
बैंक का उद्देश्य सामाजिक बदलाव को गति देना, लिंग आधारित भेदभाव मिटाना और महिलाओं के लिए समर्थनकारी योजनाएं चलाना है। यह संयुक्त राष्ट्र के एसडीजी-5 लक्ष्य को साकार करने में सहायक बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर चेयरमैन सीएस सेट्टी ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बैंक सतत विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पित है। सच्ची उन्नति महिलाओं को ताकत देकर और समावेशी समाज बनाकर ही संभव है।
दुनिया का सबसे बड़ा महिला-केंद्रित सोशल लोन होने से सस्टेनेबल फाइनेंस में भारत की पहचान मजबूत हुई। विभिन्न क्षेत्रों में समानता और विकास परियोजनाओं को बल मिलेगा।
एमयूएफजी ने प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। एसबीआई ने 30 लाख परिवारों के घर का सपना साकार किया, होम लोन बास्केट 9 लाख करोड़ से ऊपर। 31 दिसंबर 2025 तक जमा 57 लाख करोड़ से अधिक, सीएएसए 39.13 फीसदी और अग्रिम 46.8 लाख करोड़ रुपये।
एसबीआई का यह प्रयास पूरे बैंकिंग सेक्टर को प्रेरित करेगा, जहां वित्त सामाजिक न्याय का हथियार बनेगा।