पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा दावा किया है। नीतीश कुमार से शनिवार को मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उनके बेटे निशांत कुमार को राजनीति में उतारने का सुझाव सबसे पहले उन्होंने ही दिया था। यह खुलासा राज्यसभा चुनाव की तैयारी के बीच आया है।
मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने मुलाकात को एनडीए की सामान्य प्रक्रिया करार दिया। पांच उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें सीएम और वे स्वयं शामिल हैं। ऐसी चर्चाओं से गठबंधन मजबूत होता है।
सीएम के दिल्ली शिफ्ट पर उन्होंने बिहार民ों की भावनाओं को आवाज दी। लंबी सेवा के बाद यह बदलाव उदासीनता पैदा कर रहा है। हालांकि, नीतीश का निर्णय सम्मानजनक है और दिल्ली से भी बिहार की भलाई होगी।
निशांत के जदयू में शामिल होने पर कुशवाहा ने कहा कि उनका सुझाव कारगर साबित हुआ। फैसला देर से लिया गया मगर सटीक है। एनडीए की पांचों सीटें सुरक्षित हैं, कोई संशय नहीं।
पांचवें उम्मीदवार के रूप में नामांकन भर चुके कुशवाहा राज्यसभा के मौजूदा सदस्य हैं। क्रॉस वोटिंग की पुरानी चेतावनी के साथ वे बिहार की संसदीय सीटों पर नजर रखे हुए हैं। राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।