अमेरिकी सीबीपी एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद टैरिफ रिफंड के लिए नई डिजिटल व्यवस्था तैयार करने का ऐलान किया है, जो 45 दिनों के अंदर अमल में आ सकती है। ट्रंप द्वारा लगाए गए आपात शुल्कों को रद्द करने से हजारों आयातकों को राहत मिलेगी।
अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में सीबीपी के ब्रैंडन लॉर्ड द्वारा दाखिल रिपोर्ट के मुताबिक, इन शुल्कों से 166 अरब डॉलर की वसूली 3.30 लाख आयातकों से हुई थी। अदालत ने 1977 के आईईईपीए कानून के दुरुपयोग का हवाला देते हुए इन्हें अमान्य करार दिया। पुरानी प्रक्रिया में रिफंड के लिए भारी संसाधनों की जरूरत होगी, जबकि नया सिस्टम सरलीकृत होगा।
आयातकों को केवल जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। व्यापारिक हलकों में इसे सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
फैसले के बाद प्रशासन ने 24 फरवरी से 10 प्रतिशत सामान्य टैरिफ शुरू किए हैं, जो 15 प्रतिशत तक जा सकते हैं। साथ ही, यूएसटीआर द्वारा धारा 301 जांचों की शुरुआत हो रही है, जो कई देशों को प्रभावित करेगी।
दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट में उग्रता के कारण दक्षिण कोरिया ने निकासी अभियान शुरू किया। एतिहाद का विशेष विमान अबू धाबी से रविवार को 290 कोरियाई यात्रियों को लेकर उड़ा, जो वैश्विक व्यापार और सुरक्षा चुनौतियों का आईना है।