शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताया। नई दिल्ली से बोलते हुए उन्होंने चिंता जताई कि दुनिया भर में तबाही मची है, लेकिन भारत आयातित ऊर्जा पर निर्भर होने से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
ईरान की जंग से उत्पन्न आर्थिक संकट सबको झेलना पड़ेगा, मगर भारत पर असर गहरा होगा। तेल कीमतों में उछाल से पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे, महंगाई बढ़ेगी और विकास रुकेगा। उन्होंने भारत से अपील की कि संघर्ष रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करें।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन राष्ट्रीय मुद्दा है। चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा हर चुनावी राज्य में मतदाताओं के अधिकार कुचल रही है। उनका पूरा प्लेबुक तैयार है—वोट कहां भी जाएं, सत्ता उनकी।
चुनाव आयोग के बहाने मताधिकार छीनना, पार्टियां तोड़ना या सरकारें गिराना—ये सिलसिला बंद होना चाहिए। बिहार में नीतीश को राज्यसभा पहुंचाया गया, महाराष्ट्र में हमारी सरकार तोड़ी गई। यह सत्ता की भूख लोकतंत्र को जला रही है।
लोकसभा अध्यक्ष पर अविश्वास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाई जाती है, माइक म्यूट कर दिए जाते हैं। एलओपी को बोलने न देकर किताब पढ़ने का आरोप लगाया गया। संसद शुरू होते ही प्रस्ताव पर बहस होनी चाहिए।
प्रियंका चतुर्वेदी ने आर्थिक और लोकतांत्रिक चुनौतियों पर भारत को जागरूक करने का काम किया है।