पश्चिम एशिया में ईरान का जवाबी हमला और खामेनेई की हत्या ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है। भारत में खुफिया तंत्र ने चेतावनी दी है कि कट्टर तत्व इसी का फायदा उठाकर देश के युवाओं को जेहादी रास्ते पर धकेल रहे हैं। एआई तकनीक से कई भाषाओं में प्रोपेगैंडा वीडियो बनाए जा रहे हैं।
यूपी में हिंदी, केरल में मलयालम, कश्मीर में कोशुर—हर जगह स्थानीय भाषा का इस्तेमाल। शिया-सुन्नी सभी निशाने पर। शहरों में शोक मार्च के दौरान भड़काऊ तत्व सक्रिय हो सकते हैं।
आईबी के अनुसार, आईएसआईएस भले शिया विरोधी हो, फिर भी भुनाएगा। अल-कायदा वैश्विक मुद्दों से हमेशा फायदा उठाता रहा। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारत को कमजोर करने हेतु अराजकता फैला रही।
ऑनलाइन इन्फ्लूएंसर, धार्मिक चैनल निगरानी में। शिया नरसंहार जैसे मुद्दे भुनाए जा रहे। एन्क्रिप्टेड मैसेज और फंडिंग पर सतर्कता। योजना लंबी—धीरे-धीरे कट्टर बनाओ, फिर बड़े हमले कराओ।
युद्ध तेज होने पर अपीलें मुखर होंगी। एजेंसियां साइबर और स्ट्रीट लेवल पर मुस्तैद हैं, ताकि विदेशी साजिश नाकाम हो।