भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 अभी थमा ही था कि देश ने अपनी सेनाओं को एआई तकनीक से लैस करने का अभियान तेज कर दिया। समिट के नैतिक एआई बहस से इतर एक बड़ा रक्षा परिवर्तन उभरा।
पहले सैन्य ताकत का पैमाना सिपाही, टैंक और मिसाइलें थीं। अब आधुनिक जंग में डेटा की स्पीड और फैसले की चपलता निर्णायक हैं। ओओडीए चक्र—देखो, समझो, चुनो, करो—अब सफलता की कुंजी है।
समिट के दौरान स्ट्रैटेजिक फोर्सेज ने चुपके से देसी एआई सेंसर पेश किया। यह एलएसी पर सैटेलाइट, ड्रोन व सिग्नल डेटा जोड़कर 94 फीसदी एक्यूरेसी से गतिविधियां पकड़ता है, बिना किसी साफ निशान के।
यह तकनीक विशाल डेटा को पल भर में छानकर कमांडरों तक पहुंचाती है, ताकि खतरा पनपने से पहले रोका जा सके। एआई अब थल, वायु और जल सेनाओं में फैल रहा।
सेना में एसएएम-यूएन से पुराने वाहनों को स्मार्ट फायरिंग सिस्टम मिल रहे हैं। इससे बजट बचेगा और युद्धक्षमता बढ़ेगी। भारत एआई संचालित रक्षा की ओर बढ़ते हुए वैश्विक पटल पर मजबूत हो रहा है।