वॉशिंगटन में बुधवार को ट्रंप प्रशासन के ईरान विरोधी सैन्य अभियान पर हाउस में तीव्र बहस हुई। डेमोक्रेट्स ने इसे बिना मंजूरी अवैध बताते हुए युद्ध शक्ति विधेयक की मांग की, वहीं रिपब्लिकन्स ने खतरे से निपटने का हकदार ठहराया और डीएचएस फंड पर डेमोक्रेट्स को घेरा।
प्रेस मीट में डेमोक्रेट्स ने छह सैनिकों की शहादत का जिक्र कर ट्रंप की आलोचना की। पीट अगुलार ने कहा- यह जनता से धोखा है, मध्य पूर्व में खतरा बढ़ रहा है। टेड लियू ने स्पष्ट कहा, युद्ध का फैसला कांग्रेस लेगी। ईरान के 11 हमलों के बाद ठिकानों और अमेरिकियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
हकीम जेफ्रीज ने बिना प्रमाण के युद्ध थोपने और विरोधाभासी बयानों पर प्रहार किया। जेसन क्रो ने खतरे की कमी बताई, क्रिसी होलाहन ने कहा- युद्ध में कोई दूसरा मौका नहीं, सिर्फ नुकसान।
रिपब्लिकन्स ने जवाबी हमला बोला। लिसा मैक्लेन ने डेमोक्रेट्स के डीएचएस बंद करने के वोट और 700 ईरानियों को छोड़ने पर तंज कसा। ब्रायन मास्ट ने अनुच्छेद 2 का सहारा लिया। टॉम एमर ने अभियान को निर्णायक बताया।
मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्केलिस ने ईरान के पुराने खतरे पर समर्थन जताया। स्पीकर जॉनसन ने इसे सीमित और घातक करार दिया, फंड रोकने की निंदा की। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक कांग्रेस को युद्ध अधिकार है, राष्ट्रपति को सीमाएं माननी पड़ेंगी।
डीएचएस, जो सीमा, आतंकवाद, आपदा प्रबंधन संभालता है, के फंड पर बहस विदेश नीति से जुड़ गई। यह घटना शक्ति विभाजन पर गंभीर बहस छेड़ती है।