अमेरिका ने ईरान को करारा झटका दिया है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। मिसाइल भंडार और नौसैनिक बेड़ा बुरी तरह प्रभावित। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप की इस पहल को सही ठहराया।
सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, चार मुख्य लक्ष्य थे- बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता खत्म करना, नौसेना को पंगु बनाना, प्रॉक्सी तंत्र तोड़ना और न्यूक्लियर कार्यक्रम रोकना। हमलों से ईरानी हमले 86 फीसदी घट गए।
समुद्री अभियान में टॉरपीडो ने ईरान की एलीट पनडुब्बी और 20 जहाजों को समुद्र में उतार दिया। महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते खाली हो गए। खामेनेई समेत 49 वरिष्ठ नेता समाप्त। लीविट बोलीं- ये आतंकी खत्म होना जरूरी था।
छह अमेरिकी जांबाज शहीद हुए। ट्रंप उनके सम्मान में उपस्थित रहेंगे। 17500 सैनिक घर लौट आए। यह सफलता अमेरिकी वर्चस्व को मजबूत करेगी, ईरान को सबक सिखाएगी।