देश की शीर्ष शॉट पुट एथलीट मनप्रीत कौर का जीवन संघर्ष और सफलता की अनोखी कहानी है। 5 मार्च 1990 को पटियाला में पैदा हुईं मनप्रीत को परिवार से खेल का शौक चढ़ा। पिता व चचेरे भाइयों के प्रभाव में 100 मीटर से शॉट पुट की ओर कूद पड़ीं।
बचपन में पिता की मृत्यु, फिर मां की लकवा—ये आघात झेलते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी। 2007 वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में टॉप-10, 2010 में रिकॉर्ड ब्रेक।
कोलकाता 2015 में गोल्ड, रियो 2016 क्वालीफाई, 2017 जिन्हुआ में 18.86 मीटर का कमाल—एशियन गोल्ड, वर्ल्ड लीड और वर्ल्ड चैंपियनशिप टिकट।
स्टेरॉयड विवाद ने 2017 से चार साल का बैन थोप दिया, सम्मान छिन गए। लेकिन 2022 नेशनल्स में गोल्ड से धमाकेदार कमबैक। इंडियन रेलवे की कर्मचारी के रूप में नौकरी और खेल का संतुलन बनाए रखा, प्रेरणास्रोत बनीं।