रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को बेरहम बताया है। प्रवक्ता मारिया जाखारोवा के अनुसार, इस अभियान के सबसे काले नतीजे आम जनता को भुगतने होंगे। उन्होंने ईरानी धमकी को झूठा बहाना करार दिया, जिससे एक स्वतंत्र देश की सरकार को हिंसक तरीके से हटाने की साजिश रची गई।
अमेरिका की ‘शासन परिवर्तन’ की खुली चाहत पर निशाना साधते हुए जाखारोवा ने मिनाब के बालिका प्राथमिक विद्यालय परिसर में धमाके का जिक्र किया। इस क्रूरता में 165 जानें गईं, मुख्यतः मासूम छात्राएं। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध कहा जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
ईरान में अफरा-तफरी रोकने के प्रयासों के बावजूद, युद्ध के असर से इलाकाई ढांचा चरमरा जाएगा और विश्व बाजार हिल जाएगा। जाखारोवा ने पश्चिमी मीडिया की चुप्पी पर सवाल उठाए, जहां बच्चों की मौत पर आमतौर पर हंगामा होता है लेकिन यहां खामोशी है—यह दोहरापन है।
बढ़ती मौतों के बीच हिंसा थामने और बातचीत से समाधान निकालने का आह्वान किया। संयम से संघर्ष रुकेगा, निर्दोष बचेंगे और अस्थिरता न फैलेगी। रूस ने वैश्विक समुदाय को चेताया है।