मुंबई के शेयर बाजार में हल्की गिरावट ने लंबी अवधि के निवेशकों को आकर्षक अवसर प्रदान किया है। मॉर्गन स्टेनली की नई रिपोर्ट में इस कमजोरी को सकारात्मक नजरिए से देखा गया है।
कंपनी का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल तत्व अटल हैं। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से परे, 2026 तक आय वृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति होगी।
बाजार निगेटिव न्यूज पर तीखा रिएक्ट कर रहा है, पॉजिटिव को अनदेखा कर, जिससे संरचनात्मक चिंताएं बढ़ रही हैं। मॉर्गन स्टेनली अस्वीकार करती है और इसे बाजार की पोजिशनिंग व तकनीकी फैक्टर्स बताती है।
कॉर्पोरेट आय में छह तिमाही ठहराव के बाद सुधार के संकेत हैं, 2026 में तेजी की उम्मीद। आरबीआई व सरकार के कदम जैसे दरें घटाना, बैंक नियम शिथिल, लिक्विडिटी सप्लाई, कैपेक्स, टैक्स बेनिफिट्स व ग्रोथ बजट सहायक हैं।
पोस्ट-कोविड सख्ती खत्म हो रही, विकास के द्वार खुल रहे। इसके बावजूद, 12 माह का परफॉर्मेंस सबसे कमजोर रहा, वैल्यूएशन नीचे।
ग्लोबल प्रॉफिट में भारत का शेयर उसके वेट से ज्यादा, सेंसेक्स गोल्ड से सस्ता, एफपीआई आउटफ्लो ने दबाव बढ़ाया।
यह समय सही है खरीदने का। मजबूत फंडामेंटल्स के साथ बाजार चमकेगा।