कर्नाटक गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को दक्षिणी राज्यों के प्रति केंद्र के वित्तीय भेदभाव को बेनकाब किया। जीएसटी वितरण और बड़ी परियोजनाओं में उत्तर भारत को तरजीह देने पर उन्होंने तीखा प्रहार किया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के संघीयता समर्थन के बाद बेंगलुरु में मीडिया से कहा, ‘दक्षिण का योगदान कम नहीं, लेकिन हिस्सा कम मिलता है।’
‘जीएसटी में दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा हम देते हैं, फिर भी अवसंरचना में हमारा नंबर नहीं आता। उत्तर राज्यों को फायदा, दक्षिण को नुकसान। हम सब मिलकर यह मुद्दा उठा रहे हैं।’
कांग्रेस सरकार के कर्ज पर हमलों का करारा जवाब देते हुए परमेश्वर ने बताया, ’25 प्रतिशत की सीमा में हम सुरक्षित हैं। दक्षिण में सबसे कम कर्ज हमारा। महाराष्ट्र जैसे राज्य 95 लाख करोड़ पार कर चुके। वित्तीय मर्यादा हमारा मूलमंत्र है।’
सीएम और डिप्टी सीएम के बीच अफवाहों को खारिज करते हुए उन्होंने शिवकुमार के डिनर आमंत्रण को सराहा। ‘लोकतंत्र में यह आम बात है। 1952 से चली आ रही परंपरा। संयम और एकता का संदेश देता है यह कदम।’
यह बयान उत्तर-दक्षिण विभेद को उजागर करता है। दक्षिणी अर्थव्यवस्थाओं की मजबूती के बावजूद न्याय की लड़ाई तेज हो रही है, जो राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करेगी।