अमेरिका ने ईरान के राजनीतिक भविष्य पर अपनी चिंता जाहिर की है। वरिष्ठ ट्रंप अधिकारी कह रहे हैं कि नई तेहरान सरकार अगर न्यूक्लियर महत्वाकांक्षा, मिसाइल खतरों और आतंकी मदद त्याग दे, तो जल्द समझौता हो सकता है।
परमाणु साइटों पर हमलों के बाद ये बयान महत्वपूर्ण हैं। अधिकारी बताते हैं कि क्षेत्रीय सहयोग और न्यूक्लियर प्रतिबंधों पर चलने से सैंक्शंस में राहत मिलेगी।
नाम न छापने की शर्त पर एक ने कहा, ‘सामान्य व्यवहार और नियम पालन पर हमारा दरवाजा खुलेगा।’ शर्तें कड़ी—प्रॉक्सी फंडिंग बंद, पड़ोसियों पर मिसाइल बंद, परमाणु सिर्फ नागरिक।
पिछली कोशिशें विफल रहीं क्योंकि ईरान संवर्धन पर अड़ा। रिएक्टर ईंधन ऑफर ठुकराया, जो शांतिपूर्ण मंशा की परीक्षा था।
अब भविष्य के लिए प्रोत्साहन पैकेज तैयार हो रहे। यह दृष्टिकोण ताकत और बातचीत का मिश्रण है। ईरान बदले तो मध्यपूर्व नया रंग ला सकता है।