अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उसके पास 11 परमाणु बम बनाने लायक संवर्धित यूरेनियम का विशाल भंडार है। टूट चुकी वार्ताओं के खुलासे ने ट्रंप सरकार को ईरानी साइटों पर सैन्य हमलों की राह दिखाई।
खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के पास 10,000 किलोग्राम यूरेनियम स्टॉक है, जिसमें 460 किलोग्राम 60% शुद्ध है। यह 90% हथियार स्तर के करीब पहुंच चुका, और आगे का सफर आसान। 11 बमों की सामग्री इसी से बन सकती है।
पिछले हफ्ते तीन चरणों की चर्चा विफल रही। ईरान ने स्पष्ट प्रस्ताव टाले, सिर्फ वक्त काटा। अमेरिकी मुफ्त ईंधन ऑफर को अस्वीकार कर ‘अधिकार’ जताया।
स्टॉकपाइल ब्रेकडाउन: 8,500 किग्रा 3.67%, 1,000 किग्रा 20%, बाकी उच्च स्तर। समयसीमा डरावनी—उच्च से हफ्ता भर, निम्न से तिमाही।
रिएक्टर जांच में झोल: आइसोटोप बहाना, लेकिन ईंधन का ढेर बिना उत्पादन। निरीक्षक पहुंच और तकनीकी जांच से इनकार।
ये संकेत साफ करते हैं कि ईरान हथियार ढांचा संभाल रहा। राजनीतिक रियायतें दिखावटी। अमेरिका की कार्रवाइयां खतरे को टालने की कोशिश हैं। ईरान शांति का राग अलापता है, लेकिन सबूत उलटे बोलते हैं।