ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ के आरंभ के साथ ही इजरायली खुफिया सूत्रों ने दावा किया है कि ईरान ने हिज्बुल्लाह को इजरायल पर हमले के लिए मजबूर किया। इस दबाव ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।
आईडीएफ प्रवक्ता नदाव शोशानी के अनुसार, ईरानी आला अधिकारियों ने हिज्बुल्लाह कमांडरों को इजरायली ठिकानों और आम लोगों पर हमले की हिदायतें दीं, ताकि इजरायल की सेना पर दबाव पड़े।
हिज्बुल्लाह ने लेबनान की जनता की अनदेखी कर ईरान का साथ चुना। यह फैसला एक ऐसी लड़ाई को जन्म दे रहा है, जो उनके लिए हार भरी है। लेबनानी सुरक्षा से ज्यादा ईरानी हित प्राथमिक हैं।
बेत शेमेश पर मंगलवार का हमला इसकी भयावहता दर्शाता है। यरुशलम के निकट इस शहर में मकान ध्वस्त हो गए। मौतों का आंकड़ा बढ़ा, बच्चे भी शिकार हुए। अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय निवासी शिमोन गैनन बोले, ‘चार सेकंड में सब नष्ट। घर मलबे का ढेर। यह जैसे कोई बुरा स्वप्न हो। भ्रम की स्थिति है।’
तलाशी और राहत कार्य चल रहे हैं। शोशानी ने ईरान को आतंकी शासन बताया, जो ऑपरेशन के बाद से नागरिकों पर हमला कर रहा है।
क्षेत्र में प्रॉक्सी युद्ध तेज हो गया है। इजरायल अलर्ट पर है, जबकि वैश्विक नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं।