भागलपुर जिले की पुलिस ने साइबर क्राइम और लूटपाट के खिलाफ कड़ा प्रहार किया। अलग-अलग घटनाओं में दो साइबर अपराधियों और एक खूंखार लुटेरे को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। विशेष मुहिम के तहत ये गिरफ्तारियां अपराध जगत को हिलाकर रख गईं।
पीएम किसान योजना के नाम पर किसानों को लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। केवाईसी की आड़ में अटकी सब्सिडी को मुद्दा बनाकर ठगी की जा रही थी। 27 फरवरी 2026 की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर छापेमारी की गई, जिसमें राजकुमार दास और दीपक शर्मा धर दबोचे गए।
उनके पास से डिजिटल उपकरण, एटीएम कार्डों का जखीरा और बैंक दस्तावेज जब्त किए गए। नकली खातों से धोखाधड़ी का खुलासा हुआ, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य जेल में सड़ रहे हैं। 2 मार्च की यह कार्रवाई तकनीकी खुफिया जानकारी पर आधारित थी।
इधर, घोघा बाजार की 5 अक्टूबर 2025 की सशस्त्र लूट के आखिरी आरोपी पवन कुमार शर्मा को देवघर से पकड़ा गया। उसके गिरोह के बाकी साथी पहले ही पकड़े जा चुके थे। लंबी अपराध सूची वाले पवन की गिरफ्तारी से मामला पूरी तरह सुलझ गया।
पुलिस ने साइबर अपराधों के प्रति सख्त रुख अपनाने का ऐलान किया। विभिन्न इकाइयों के समन्वित प्रयासों से ये जीत हासिल हुई। जनता से अपील है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें, ताकि अपराधमुक्त भागलपुर का सपना साकार हो।