बलूचिस्तान प्रांत से सनसनीखेज खबर आई है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके सीनियर कमांड काउंसिल के निर्देश पर सात पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को फांसी दे दी गई। ये सैनिक ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ के दौरान पकड़े गए थे और बलोच नेशनल कोर्ट ने इन्हें गायब करने तथा युद्ध अपराधों का दोषी पाया।
बीएलए ने बताया कि अदला-बदली के लिए 14 दिनों का समय दिया गया था, लेकिन पाक सेना ने हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सैन्य कार्रवाइयों से इसका दुरुपयोग किया। इससे साफ हो गया कि पाकिस्तान के अधिकारी अपने सैनिकों की परवाह नहीं करते।
बयान में कहा गया कि सजा को तुरंत अंजाम दिया गया और पाक उच्चाधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई। पिछले अभियान में बीएलए ने क्वेटा से कलात तक कई जगहों पर धावा बोला, जिसमें 84 जवान मारे गए, कई घायल हुए।
18 को कैद किया गया, सरकारी भवन, बैंक, जेलें तबाह की गईं, वाहनों को आग लगाई गई। लड़ाकों ने दुश्मन की गतिविधियां ठप कर दीं और कुछ क्षेत्रों पर कब्जा जमाया।
यह घटनाक्रम बलूचिस्तान के विद्रोह को और तेज कर देगा। पाकिस्तान को अब अपनी रणनीति पर विचार करना होगा, वरना हिंसा बढ़ेगी। बलोचों के अधिकारों की लड़ाई लंबी चल सकती है।