भारत और कनाडा के बीच रिश्तों की बहाली तथा सीईपीए वार्ता के पुनरारंभ पर अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) ने प्रसन्नता जताई है। इससे परिधान निर्यात में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
चेयरमैन डॉ. ए. शक्तिवेल ने बताया कि समझौते पर दस्तखत से तीन साल में कनाडा को निर्यात दोगुना, यानी 250 मिलियन डॉलर से बढ़कर और अधिक हो सकता है। निवेश व नौकरियों के नए द्वार खुलेंगे।
यह ढांचा व्यापार वृद्धि और आपसी आर्थिक ताकत पर निवेश को गति देगा। तकनीकी साझेदारी, आरएंडडी, एआई व ऑटोमेशन से उद्योग को उत्पादन व गुणवत्ता में सुधार मिलेगा।
एईपीसी ने पीएम मार्क कार्नी की यात्रा व पीएम मोदी के साथ फोरम संबोधन का अभिनंदन किया। दोनों ने सहयोग व सीईपीए को प्राथमिकता देने की पुष्टि की। ऊर्जा साझेदारी में कैमेको का यूरेनियम सप्लाई अनुबंध हुआ।
“टिकाऊ ऊर्जा से भारत जिम्मेदार सोर्सिंग स्थल बनेगा,” डॉ. शक्तिवेल बोले। स्किल डेवलपमेंट व टैलेंट एक्सचेंज पर बल। राजनयिक बहाली व नए उच्चायुक्त नियुक्ति से सामान्यीकरण।
सीईपीए 2030 तक 70 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य से जुड़ा है, जो परिधान क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।