रंगों का त्योहार होली उमंग से भर देता है, मगर केमिकल रंग आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें घुली धातुएं और रसायन कॉर्निया को जख्मी कर सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ाते हैं। तेज छींटों से समस्या और गंभीर हो जाती है।
त्योहार के बाद आंखों में दर्द, खुजली की शिकायतें आम हैं। रंग आंख में चला जाए तो घबराहट में रगड़ने से बचें। पहले हाथ साफ करें, फिर नरम कपड़े से बाहरी हिस्सा साफ करें।
ठंडे पानी या सलाइन सॉल्यूशन से आंख धोएं। सिर झुकाकर पानी बहाएं, पलकें बार-बार झपकाएं। कम से कम 15 मिनट तक दोहराएं। इससे जलन शांत हो जाएगी।
गलत नुस्खों से परहेज करें। देसी चीजें जैसे घी या दूध न डालें, ये संक्रमण फैला सकते हैं। आंखों की दवा खुद न लें। लक्षण बने रहें तो आंखों के डॉक्टर के पास जाएं।
भविष्य के लिए हर्बल रंग चुनें, सुरक्षात्मक चश्मा लगाएं। बच्चों को सतर्क रखें। होली की मस्ती के साथ सेहत का भी ध्यान रखें।