एनईपी 2020 के बल पर भारत एआई महाशक्ति बनने की राह पकड़ चुका है। सभी शैक्षिक स्तरों पर एआई एकीकरण से मजबूत अनुसंधान और कार्यबल श्रृंखला विकसित हो रही।
7,634 करोड़ के निवेश से 1.79 लाख आईसीटी प्रयोगशालाएं, कौशल केंद्र ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों को जोड़ रहे। इससे समावेशी एआई पारिस्थितिकी बनेगी।
89 प्रतिशत स्टार्टअप एआई चालित, 87 प्रतिशत कंपनियां अपनाने वालीं। बाजार 25-35 प्रतिशत वृद्धि से 2027 तक नई ऊंचाइयों को छुएगा। 6 लाख प्रतिभाओं से 15 प्रतिशत दर पर 12.5 लाख जरूरी।
एआई मिशन नवाचार को गति दे रहा। नीति एआई को शिक्षा सुधार, शिक्षक सशक्तिकरण और आर्थिक प्रगति का आधार मानती।
डिजिटल प्लेटफॉर्म गांवों तक पहुंचें, यही लक्ष्य। यह दृष्टि भारत को 2047 तक वैश्विक एआई शक्ति बनाएगी।