आधुनिक जीवनशैली ने तनाव को हर घर का मेहमान बना दिया है। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि प्राणायाम और योग से इसे काबू किया जा सकता है। इनमें भ्रामरी प्राणायाम खास प्रभावी है।
यह श्वास विधि भौंरे की भिनभिनाहट जैसी ध्वनि से मस्तिष्क को शांत करती है। तनाव, चिंता और क्रोध को कम करने के साथ-साथ एकाग्रता बढ़ाती है। तंत्रिका तंत्र पर इसका प्रतिध्वनि प्रभाव चमत्कारी है।
प्रतिदिन अभ्यास से दिमाग गहरे विश्राम में जाता है। ध्यान और योग की शुरुआत के लिए आदर्श।
अभ्यास के लिए सुबह सुखासन में विराजें। शांत स्थान चुनें, आंखें मूंदें, कानों पर अंगूठे रखें। लंबी सांस लें, फिर मुंह बंद कर गुनगुनाते हुए छोड़ें। 5 से 7 चक्र पर्याप्त हैं।
आयुष मंत्रालय इसे दैनिक जीवनशैली का अभिन्न अंग बताता है। इससे निपटें आधुनिक समस्याओं से। स्वस्थ मन और शरीर के लिए अपनाएं यह सरल विधि।