संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने पाक-अफगान सीमा विवाद की भयावहता उजागर की है। 26 फरवरी से 1 मार्च के बीच पाकिस्तानी हमलों से अफगानिस्तान में 34 निर्दोषों की जान गई और 89 घायल हुए। प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि पीड़ितों में महिलाएं-बच्चे शामिल हैं। यूएनएएमए आंकड़े एकत्र कर रही है, लेकिन संघर्ष से सहायता बाधित है।
डूरंड लाइन के आसपास शरणार्थी संकट गहरा रहा है। पाकिस्तान से भागे अफगानों को भोजन-दवा नहीं मिल पा रही। आने वाले दिनों में शरणार्थी बढ़ने की आशंका है।
विवाद की जड़ 21-22 फरवरी के पाक हवाई हमले हैं, जिन्हें आतंकी कैंपों पर बताया गया। अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में पाक सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया। कंधार के स्पिन बोल्डक में तीन पोस्ट पर कब्जा हुआ, तीन पाक सिपाही ढेर, एक गिरफ्तार। अली शेर जिले में भी सफलता मिली।
अफगान सेना ने काबुल से जुड़े क्षेत्रों, खोस्त, जलालाबाद और कंधार में कई ठिकाने ध्वस्त किए। पाकिस्तान ने पलटवार में ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू किया और काबुल, कंधार, पक्तिया पर बम गिराए।
दोनों पक्ष मिलिटेंट्स को शरण देने का आरोप लगा रहे हैं। सीमा पर गोलीबारी जारी है, जिससे मानवीय संकट बढ़ रहा। शांति के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं, वरना खूनखराबा रुकेगा नहीं।