अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को फॉक्स न्यूज पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का इरादा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नेस्तनाबूद करना है, न कि देश को अनिश्चितकालीन जंग में धकेलना।
लंबी कूटनीति नाकाम रही। वेंस के अनुसार, ट्रंप ने पाया कि बातचीत से तेहरान नहीं मानेगा। इसलिए ग्रीष्मकालीन ऑपरेशन मिडनाइट हैमर में संवर्धन इकाइयों को ध्वस्त किया गया।
ट्रंप पहले तीन-चार सालों में ही ईरान को स्थायी रूप से निष्प्राण बनाना चाहते हैं। ईरान की जिद ने एक्शन को मजबूर किया। रुबियो के बयान पर वेंस ने सेना की श्रेष्ठता रेखांकित की।
ईरान के न्यूक्लियर सेटअप को गहरी चोट पहुंचाने की हमारी क्षमता अपार है। सैनिकों पर खतरा बनी मिसाइलें भी निशाने पर हो सकती हैं। विकल्प प्रचुर हैं।
ट्रंप बहुवार्षिक बिना मकसूद युद्धों से दूर रहेंगे। ईरान को परमाणु हथियार त्यागने और पुनर्विकास न करने की गारंटी देनी होगी।
अफगानिस्तान और इराक जैसे पुराने गलतियों से सीखा है। वहां मिशन फैलता गया, लक्ष्य धुंधला पड़ा। यहां सब कुछ निश्चित और परिसीमित है।
ईरान में भले शासन बदले, यह प्राथमिक नहीं। परमाणु बम रोकना ही मूल लक्ष्य है। ईरान के ‘शांतिपूर्ण’ कार्यक्रम पर वेंस ने कटाक्ष किया।
भूमिगत प्लांट और अतिरिक्त संवर्धन से झूठ साफ है। यह हथियारों के लिए है। जेसीपीओए के टूटने से पैदा तनाव के बीच ट्रंप निर्णायक रुख अपनाएंगे।