बलूचिस्तान की उग्रवादी टोलियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी उचक ली है। इन घटनाओं से पाकिस्तान को करारा झटका लगा है और प्रांत में बगावत की आग तेज हो गई है।
सोमवार को बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने ग्वादर के शादी कौर डैम में फौजी कैंप पर हमला किया। मेजर ग्वाहरम बलूच ने पुष्टि की कि हल्की मशीनगन, रॉकेट लॉन्चर और ऑटोमैटिक हथियारों से बहु-दिशात्मक हमले में दो जवान शहीद हुए, कई जख्मी हुए और कैंप ध्वस्त हो गया।
कोहलू के लोंड नौशाम में बीएलएफ ने फ्रंटियर कॉर्प्स कैंप को घेर लिया और तीव्र गोलीबारी व रॉकेट अटैक से भारी तबाही मचाई। गुट का कहना है कि आंतरिक हमलों से सामग्री को गहरा नुकसान पहुंचा।
नसीराबाद में बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने मीर हसन थाने के पास पुलिस पेट्रोल पर आरसीडी से धमाका किया। दोस्तैन बलूच ने बताया कि वाहन के गुजरते ही विस्फोट से पुलिस वाले मारे गए और गाड़ी खराब हो गई।
1 मार्च को कच्छी के माच में यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) ने आर्मी सर्विलांस टावर गिराया। मजार बलूच ने कहा कि आब-ए-गम-गेशानी मार्ग पर स्थित चार कैमरे वाला यह टावर अब ट्रैकिंग नहीं कर पा रहा।
बलूच गुट इसे आजादी संग्राम का हिस्सा मानते हैं। बीएलए के ‘ऑपरेशन हेरोफ’ चरण-2 के बाद ऐसे हादसे बढ़े हैं, जो पाकिस्तान की पकड़ कमजोर होने का संकेत देते हैं।