कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमलों में हत्या पर मोदी सरकार की खामोशी को कर्तव्यहीनता करार दिया। नई दिल्ली में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह तटस्थता का बहाना मात्र है।
सरकार ने ईरान संप्रभुता हनन या हत्याकांड की भर्त्सना से परहेज किया। पीएम मोदी ने पश्चिमी एशिया विवाद में शुरुआत में इजरायल-अमेरिकी आक्रमणों को अनदेखा किया, ईरान के यूएई जवाब पर ही नाराजगी जताई। बाद में बेमानी चिंता और कूटनीति की बात।
लक्षित हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून का अपमान है, जो युद्ध रहित कूटनीति के दौर में घटी। सोनिया ने विदेश नीति की दिशा पर खतरे की घंटी बजाई।
नेतन्याहू की गाजा कार्रवाई का खुला समर्थन चिंताजनक है। कांग्रेस इसे वैश्विक खतरा बताती है। ईरान के पुराने सहयोग की याद: 1994 का कश्मीर समर्थन, जाहेदान राजनयिक मदद सीपीईसी के जवाब में, वाजपेयी का 2001 दौरा।
इजरायल संबंध विस्तृत हैं, पर तेहरान-तेल अवीव संतुलन सिद्धांतों से। खाड़ी हिंसा में भारतीय सुरक्षा स्वायत्तता पर निर्भर। सोनिया ने नैतिक विदेश नीति का आह्वान किया।