प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजटोत्तर वेबिनार में भारतीय कंपनियों को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आपूर्ति प्रणालियों के बीच हरित ऊर्जा पर दांव लगाने वाले उद्योग विश्व स्तरीय बाजारों तक पहुंच पाएंगे।
केंद्रीय बजट ने आर्थिक प्रगति को दृढ़ता प्रदान करने का संकल्प दोहराया है। सतत विकास और कार्बन प्रौद्योगिकियों को व्यापारिक रणनीति का अभिन्न अंग बनाने पर जोर देते हुए पीएम ने बजट के मजबूत प्रावधानों की सराहना की।
उद्योग जगत, निवेश समुदाय और अन्य पक्षकारों से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने को कहा। स्थानीय स्तर पर ठोस कदम उठाने और सरकार को सतत सलाह देने की अपील की।
भारतीय अर्थव्यवस्था विकसित राष्ट्र की ओर उड़ान भर रही है। पीएम का मंत्र है- ज्यादा बनाएं, ज्यादा पैदावर करें, ज्यादा जोड़ें और ज्यादा बेचें। स्वच्छ ऊर्जा इस यात्रा का इंजन बनेगी।
नवीन ऊर्जा मंत्रालय को 32,914 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट मिला है, जिसमें सूर्य घर योजना पर 22,000 करोड़ का खर्च। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को 600 करोड़ तथा हाइड्रोजन मिशन को 2026-27 तक समान राशि का प्रावधान।
विनिर्माण, परिवहन, लघु उद्योग और छोटे नगर विकास यात्रा के स्तंभ हैं। चार अलग-अलग सत्रों में बजटीय उपायों से औद्योगिक प्रगति, बाजार पहुंच और रोजगार अवसरों पर विचार-विमर्श होगा।
ये पहल बजट को साकार करने में सहायक सिद्ध होंगी, जिससे भारत वैश्विक हरित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर सके।