तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बनाने की अंतिम समयसीमा आज समाप्त हो रही है, लेकिन बातें अटक गई हैं। कांग्रेस की 35 सीटों की जिद के कारण गठबंधन में अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, डीएमके ने पुरानी व्यवस्था के तहत कांग्रेस को 25 विधानसभा सीटें और राज्यसभा की एक सीट ऑफर की है। कांग्रेस इसे कम मान रही है और अपनी बढ़ती ताकत के आधार पर अधिक दावा ठोक रही है।
नए सहयोगी दलों की मौजूदगी ने डीएमके की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सत्तारूढ़ पार्टी सीटों का न्यायपूर्ण बंटवारा सुनिश्चित करने में जुटी है। गतिरोध लंबा खिंचने पर कांग्रेस के गठबंधन से अलग होने की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी माहौल गर्माने से पहले इस विवाद का समाधान जरूरी है। दोनों नेतृत्व पर दबाव बढ़ रहा है। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जो आने वाले चुनावों की दिशा तय करेगा।