तमिलनाडु सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुजुर्गों, विधवाओं, बुजुर्ग ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों को विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई।
एक्स पर पोस्ट में स्टालिन ने महिलाओं की ग्रीष्म सहायता योजना की सफलता का जिक्र किया, जिसके बाद अन्य पेंशनधारकों की मांग पर कार्रवाई हुई। ‘उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतर गए हैं हम,’ उन्होंने लिखा। मार्च पेंशन में 2,000 रुपये का बोनस जोड़ा गया।
लाभार्थियों की संख्या विशाल है—29 लाख 29 हजार बुजुर्ग-विधवाओं को 3,200 रुपये, 5 लाख 92 हजार दिव्यांगों को 3,500 रुपये, 2 लाख 58 हजार देखभाल परिवारों को 4,000 रुपये। मछली पालन बंदी प्रभावित 1 लाख 62 हजार 900 परिवारों को 8,000 रुपये मिले।
नीलगिरि जिले में चाय उत्पादकों के लिए 8.53 करोड़ की राशि जारी, जो 2 रुपये/किलो हरी पत्ती की दर पर आधारित है। 14,870 किसानों को इससे फायदा। स्टालिन ने स्पष्ट संदेश दिया—तमिलनाडु के प्रगति पथ पर कोई पीछे नहीं रहेगा। यह कदम राज्य की कल्याणकारी छवि को मजबूत करता है।