अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत से मध्य पूर्व उफान पर है। इसी बीच भारत ने पूरे देश में उच्च सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने राज्यों को संभावित खतरे पर नजर रखने और पुलिस व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
विभिन्न राज्यों में समर्थन प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं, जबकि सोशल मीडिया पर अफवाहें और उकसावे वाले पोस्ट तेजी से फैल रहे हैं। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि गैर-जिम्मेदाराना कंटेंट पोस्ट या फॉरवर्ड करने वाले बचें, नहीं तो कानूनी पचड़ा हो सकता है।
कानूनी सीमा में शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति स्वागतयोग्य है, किंतु हिंसा, लूटपाट या सुरक्षा कर्मियों से टकराव अस्वीकार्य। ऐसी घटनाएं समाज को व्यापक नुकसान पहुंचाती हैं।
उल्लंघनकर्ताओं, उकसाने वालों और उपद्रवियों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
कर्नाटक के बांदीपुरा जिले में पुलिस ने जनता से शांति सहयोग की अपील की। दंगा-फसाद, पथराव या गड़बड़ी से दूर रहें—यह कानून के विरुद्ध है और आमजन, दुकानदारों, स्कूली बच्चों व मजदूरों को कष्ट देता है। स्कूल बंद, रास्ते अवरुद्ध और व्यापार ठप्प।
देशव्यापी सजगता से आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।