तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एनडीए के नेतृत्व पर कटाक्ष किया और पूछा कि क्या गठबंधन के साथी दलों को राज्य इकाई का मुखिया कौन है, यह पता भी है।
सोमवार को बोलते हुए उन्होंने मदुरै सभा के असंगत संदेशों का जिक्र किया। पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके को नेतृत्व का दावा किया, जबकि मोदी ने एनडीए सरकार की बात की। स्टालिन बोले, ‘यह भ्रममतदाताओं तक पहुंच रहा है और गठबंधन की कमजोरी उजागर कर रहा है।’
2026 विधानसभा चुनाव को उन्होंने तमिलनाडु बनाम एनडीए करार दिया, जो मोदी-शाह की विजिट्स से मजबूत हुआ। ‘शुरू में मेरी बात पर सवाल हुए, अब वे खुद पुष्टि कर रहे हैं।’
क्षेत्रीय सम्मान और दिल्ली के वर्चस्व के द्वंद्व के रूप में देखते हुए स्टालिन ने कहा- यह हमारी टीम बनाम उनकी टीम की लड़ाई है। जनता का समर्थन उनकी सरकार को मिलेगा, उन्होंने विश्वास दिलाया।
मोदी के ‘मृगतृष्णा’ वाले बयान पर स्टालिन ने कहा कि भाजपा का तमिलनाडु पर कब्जे का स्वप्न कभी पूरा न हुआ। ‘लोग एकबार फिर स्पष्ट संदेश देंगे।’
स्टालिन के ये बयान विपक्ष को चुनौती दे रहे हैं।