80-90 के दशक के टीवी प्रेमियों के दिलों में जसपाल भट्टी हमेशा जिंदा रहेंगे। अमृतसर के इस होनहार ने गंभीर सामाजिक मुद्दों को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश कर टीआरपी का रिकॉर्ड तोड़ा। जन्म 1955 में हुआ, इंजीनियरिंग की डिग्री के बावजूद हंसाने का जुनून हावी रहा।
कार्टूनिस्ट से नुक्कड़ कलाकार, फिर दूरदर्शन स्टार—भट्टी का सफर प्रेरणादायक है। ‘फ्लॉप शो’ में दैनिक जीवन की कशमकश को हास्य से सजाया। पत्नी सविता का साथ मिला तो शो सादगीपूर्ण लेकिन असरदार बने। कोई वल्गरिटी नहीं, बस चुभता व्यंग्य।
नौकरशाही, भ्रष्टाचार पर तंज कसते स्केच दर्शकों को अपनी कहानी दिखाते। ‘उल्टा पुल्टा’, ‘थैंक यू जीजा जी’ ने भी कमाल किया। पंजाबी फिल्म ‘माहौल ठीक है’ में पुलिस पर व्यंग्य, हिंदी फिल्मों ‘आ अब लौट चलें’, ‘इकबाल’ में रोल。
बच्चों से बुजुर्ग तक उनका दीवाना था, क्योंकि वे जनता की जुबान में बोलते। 2012 की सड़क दुर्घटना ने छीन लिया उन्हें, मगर ‘फ्लॉप शो’ के पुराने क्लिप्स में वो जिंदा हैं। उनका हास्य आज भी प्रासंगिक है।