केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ब्रिटेन के पीटर काइल के साथ वीडियो वार्ता ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई प्रदान की। नई दिल्ली से हुई इस सोमवार की चर्चा में आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर जोर दिया गया।
एक्स पर पोस्ट करते हुए गोयल ने बातचीत को उपयोगी करार दिया। द्विपक्षीय संबंधों की तेज गति और दोनों राष्ट्रों की समृद्धि के लिए व्यापारिक बंधनों को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समझौते के कार्यान्वयन के करीब आते हुए जुलाई 2025 का भारत-यूके एफटीए अप्रैल 2026 से शुरू हो सकता है। भारत के अधिकांश निर्यात ब्रिटेन में बिना टैरिफ के जाएंगे, जबकि वहां से आयातित वाहन और मदिरा पर छूट मिलेगी।
गोयल ने व्यापार कैलेंडर साझा किया- अप्रैल में यूके-ओमान pact, सितंबर में न्यूजीलैंड और मार्च में अमेरिका अंतरिम डील के हस्ताक्षर, उसके बाद अप्रैल प्रभावीकरण।
मीडिया से उन्होंने कहा, ‘विश्व व्यापार के फायदे छोटे-बड़े सभी उद्यमों तक पहुंचें।’ नए एक्सपोर्टरों का उत्थान और भारतीय सेवाओं का वैश्विक विस्तार प्राथमिकता है।
अमेरिका डील पर गोयल ने स्पष्ट किया कि यह संप्रभुता बनाए रखते हुए उपभोक्ता एवं निर्यात हितों का ध्यान रखता है। मजबूत आर्थिक स्थिति से आत्मनिर्भर क्षेत्रों की रक्षा सुनिश्चित की गई।
ऐसे कदम भारत के व्यापारिक नेतृत्व को मजबूत कर रहे हैं, जो दीर्घकालिक समृद्धि का वाहक बनेंगे।